
चंबा। बेराजगार शास्त्री संघ ने आर-पार की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। चंबा में आयोजित बैठक में शास्त्री संघ ने सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए 50 फीसदी अंकों की शर्त हटाने की मांग की है। बैठक की अध्यक्षता करते शास्त्री संघ के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि अगर 2009 से पहले शास्त्री की डिग्री करने वाले शास्त्री अध्यापकों को टेट के लिए 50 प्रतिशत अंकों में छूट नहीं दी गई तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इसके साथ ही समस्त बेराजगार शास्त्री अपनी डिग्रियां सरकार को वापिस कर देगें। संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने टेट के लिए 50 फीसदी अंक की अनिवार्यता का नियम 2009 में लागू किया। इससे पहले इस तरह का कोई नियम नहीं था। अगर नियम 2009 में लागू किया गया तो 2009 के बाद शास्त्री करने वाले ही इसके दायरे में आने चाहिए। संघ ने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि सरकार ने सबके ऊपर नियम लगाकर बेरोजगार शास्त्री अध्यापकों का भविष्य बर्बाद कर दिया है। संघ के प्रेस सचिव सुनील शास्त्री ने कहा कि रोजगार की आस में बैठे बेराजगार युवाओं के साथ सरकार अन्याय कर रही है। सरकार के इस फैसले का शास्त्री संघ कड़ा विरोध करता है। अगर यह शर्त जल्द नहीं हटाई जाती है तो न्यायालय ही एक मात्र रास्ता उनके पास है। मजबूरन संघ को सरकार के इस फैसले को कोर्ट में चुनैती देगी पड़ेगी। बैठक में अवनेश कुमार, संदीप कुमार, सुनील कुमार, जगदीश कुमार, सुरेश कुमार, रीना कुमारी, रीता कुमारी, दिनेश कुमार, कंचन, लक्ष्मण सिंह, प्रवीन कुमार, नयनसुख, अश्वनी, किशोरी लाल, नवनीत, विवेक मौजूद रहे।
